नई दिल्ली, अक्टूबर 14 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्षेत्र पंचायत प्रमुख द्वारा सरकारी धन के गबन में जांच रिपोर्ट पर 14 महीने तक कार्रवाई न करने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट की सख्ती और प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब करने के बाद ही विभाग हरकत में आया और क्षेत्र पंचायत प्रमुख को प्रशासक पद से हटाया गया। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने यह आदेश जितेंद्र सिंह की याचिका पर दिया है। याचिका में मांग की गई थी कि एडीएम (जे) जालौन द्वारा सात अगस्त 2025 को दी गई विस्तृत जांच रिपोर्ट, जिसमें क्षेत्र पंचायत प्रमुख पर सरकारी धन के गबन का आरोप है, पर अंतिम निर्णय लिया जाए। कोर्ट ने कहा था कि रिपोर्ट के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई और तरह-तरह से मामले को लटकाया जा रहा है। अब फिर से कुछ...