हजारीबाग, जुलाई 11 -- Hazaribagh News: हजारीबाग, हिंदुस्तान टीम विश्व जनसंख्या दिवस पर हजारीबाग की तस्वीर दो अलग-अलग चुनौतियों को सामने लाती है। एक ओर शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है और नगर क्षेत्र की जनसंख्या चार लाख के करीब पहुंच चुकी है, वहीं दूसरी ओर जिले में आदिवासी आबादी का अनुपात अपेक्षाकृत कम है और इसके संरक्षण की चुनौती भी गंभीर होती जा रही है। झारखंड गठन के बाद हजारीबाग प्रशासन, शिक्षा और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा। बड़कागांव, केरेडारी, इचाक समेत आसपास के प्रखंडों और चतरा जिले से बड़ी संख्या में लोग शहर में आकर बसने लगे। नई कॉलोनियां तो तेजी से विकसित हुईं, लेकिन नियोजित विकास नहीं हो सका। यह भी पढ़ें- जनजातीय बहुल सिमडेगा में आबादी का संतुलन बचाने की चुनौती इसका सीधा असर शहर की आधारभूत सुविधाओं पर दिख रहा है। सार्वजनिक प...