हजारीबाग, अगस्त 8 -- Hazaribagh News: मानवता और संवेदना की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए मुक्तिधाम सेवा संस्थान के नीरज कुमार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है। स्थानीय ओल्ड एज होम में रहने वाली 70 वर्षीय वृद्धा उषा प्रकाश के निधन के पश्चात, जब उनका कोई अपना आगे नहीं आया, तो संस्था मानवता की खातिर उनके अंतिम सफर का सहारा बनी। यह भी पढ़ें- फाउंडेशन ने दो लावारिस शवों को सम्मान के साथ दी विदाईउषा प्रकाश का निधन ओल्ड एज होम में जीवन के अंतिम वर्ष काट रही उषा प्रकाश के देवलोकगमन की सूचना मिलते ही मुक्तिधाम सेवा संस्थान के कार्यकर्ताओं ने त्वरित संज्ञान लिया। संस्थान के सक्रिय समाजसेवी नीरज कुमार ने इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने आगे आकर न केवल प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कराईं, बल्कि एक स्वजन की भांत...