हजारीबाग, जुलाई 12 -- Hazaribagh News: हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि जिले का चौपारण प्रखंड स्थित चैय (चैयकला) गांव के तैराक पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। कभी बाबा दुलाशाह दरगाह की आस्था के लिए पहचाने जाने वाले इस मुस्लिम बहुल गांव ने अब संकटमोचक की नई पहचान बनाई है। इस गांव के युवाओं में पानी की गहराइयों को नापने का अद्भुत हुनर है। इनके पास आधुनिक गोताखोरी उपकरण या ऑक्सीजन सिलेंडर भले ही न हों, लेकिन सांस रोकने की उनकी क्षमता और पानी की लहरों को पढ़ने का हुनर किसी पेशेवर से कम नहीं है। मुहाने नदी हो या आसपास के गहरे तालाब और जलप्रपात, जब भी कोई अनहोनी होती है, तो एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने से पहले ही चैय गांव के ये अदम्य गोताखोर घटनास्थल पर मौजूद होते हैं।अपनी यह भी पढ़ें- Simdega News: डूबने की घटनाओं के बाद भी नहीं लगे चेतावनी बोर्ड जान ...