हाथरस, अक्टूबर 21 -- Hathras News: सिकन्दराराऊ। भगवान श्रीकृष्ण ने भ्रमित अर्जुन के सामने कर्मयोग का मार्ग प्रशस्त करते हुए कहा कि तू निष्काम कर्मयोग कर। अनासक्त रहते हुए कर्म कर। फल की इच्छा से मुक्त रहते हुए कर्म कर; तेरे कर्म का परिणाम सृष्टि नियन्ता ने पहले से ही निर्धारित किया हुआ है। उक्त बातें कर्मयोग सेवा संघ के अध्यक्ष विवेकशील राघव ने कर्मयोग सेवा संघ के दशम स्थापना दिवस एवं विजयादशमी पर्व के अवसर पर बगिया बारहसैनी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भद्रपाल सिंह चौहान ने तथा संचालन कवि प्रमोद विषधर ने किया। इस अवसर पर अधिवक्ता युवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज आवश्यकता परिवारों में पुनः एक सार्थक संवाद स्थापित करने की है। यह भी पढ़ें- Moradabad News: महानगर के 15 स्थानों पर मनाया आरएसएस का स्थापना दिवस यदि प...