हाथरस, अगस्त 4 -- Hathras News: सासनी। कस्बे में चल रही श्रीराम कथा में मानस मर्मज्ञ अतुल कृष्ण भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि भगवान केवल निर्मल और स्वच्छ मन वाले भक्तों को ही प्राप्त होते हैं। जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का बोलबाला बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना और असुरों का विनाश करते हैं।राम जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में असुरों के अत्याचार बढ़ने पर भगवान विष्णु ने माता कौशल्या की कोख से श्रीराम के रूप में अवतार लिया। भगवान कण-कण में विद्यमान हैं और सच्चे मन से की गई भक्ति तथा प्रेमपूर्वक स्मरण करने पर भक्तों के बीच प्रकट होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम के वशीभूत होकर निर्गुण से सगुण स्वरूप धारण करते हैं। कथावाचक ने धर्म और संप्रदाय का अंतर समझाते हुए कहा ...