Har chhath Vrat: निर्बल को बल देने वाले हैं बलराम, हल षष्ठी के दिन होता है जन्मोत्सव
नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मथुरा और भारत के समस्त बलदेव मंदिरों में कृष्ण के बड़े भाई और ब्रज के राजा बलराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। बलराम शेषनाग के अवतार माने जाते हैं। बलराम का मुख्य शस्त्र हल और मूसल है, इसलिए उन्हें 'हलधर' कहा जाता है। उन्हीं के नाम पर इस तिथि को 'हल षष्ठी' कहा जाता है। अभी तक जितने भी अवतार हुए उनके अस्त्र-शस्त्र दुष्टों के संहार के लिए थे, लेकिन इनका मुख्य अस्त्र 'हल' दुष्टों के संहार के साथ कृषि द्वारा सृजन का प्रतीक भी है। इन्हें कृषि का देवता भी कहा जाता है।इस दिन माताएं रखती हैं व्रत इस दिन माएं अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए व्रत रखती हैं। इस अवसर पर हल, बैल और खेती से जुड़े उपकरणों की पूजा की जाती है। उनसे कोई कार्य नहीं लिया जाता। इस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.