हापुड़, अक्टूबर 20 -- Hapur News: अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक विजय दशमी पर्व के उपलक्ष्य में लंकापति रावण के विशालकाय पुतले धू धू कर जले तो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जयकारे गूंजने से वातावरण राममई रंग में परिवर्तित हो उठा। पौराणिक महाभारत कालीन गढ़ तीर्थनगरी समेत ब्रजघाट, भद्स्याना, लुहारी, बक्सर, बहादुरगढ़ में मंगलवार की देर रात तक मर्यादा पुरुषोत्तम राम और लंकापति दसानन रावण के बीच भीषण युद्ध चला। कई बार तीर लगने के बाद भी जब लंकापति रावण धराशाई नहीं हो पाया तो उसके अनुज विभीषण के बताए अनुसार भगवान श्रीराम ने नाभि पर निशाना साधकर तीर चलाया तो दसानन धरती पर धराशाई होकर गिर पड़़ा। मैदान में बैठी हजारों की भीड़ ने तालियों की गड़गड़हाट के बीच राम के जयकारे लगाकर हर्ष व्यक्त किया। प्राण पखेरू उड़ने से पहले रावण ...