हापुड़, अक्टूबर 13 -- Hapur News: सोमवार को श्रीराम वनवास यात्रा श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उत्साह के साथ निकाली गई। यात्रा के माध्यम से भगवान श्रीराम के त्याग, तपस्या, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। यात्रा के दौरान भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को रामभक्ति से सराबोर कर दिया। समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार वर्मा एवं महामंत्री उमेश अग्रवाल ने कहा कि श्रीराम वनवास का प्रसंग रामायण के सबसे भावुक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों में से एक है। पिता महाराज दशरथ के वचन की मर्यादा रखने के लिए भगवान श्रीराम ने राजमहल के समस्त सुखों का त्याग कर चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया। माता सीता एवं अनुज लक्ष्मण का उनके साथ वनगमन त्याग, समर्पण, पारिवारिक प्रेम और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। श्रीराम का जीव...