हापुड़, जुलाई 21 -- Hapur News: दो दशक बाद अकेले दम पर बहुमत की सरकार बनाने के लिए बसपा प्रमुख मायावती पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए पुराने आजमाए हुए फार्मूले को लेकर अब आगे बढ़ रही है। जिसका उदाहरण हापुड़ जिले में देखा जा सकता है। जहां पहली बार बसपा ने पिछड़े वर्ग से जगमाल पाल को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी है। वर्ष 2012 में सूबे की सत्ता गंवाने के बाद हापुड़ सीट से भी बसपा का कब्जा खत्म हो गया जबकि पिछली बार बसपा के खाते धौलाना सीट भी भाजपा ने छीन ली है। हापुड़ सीट को बसपा की सीट माने जाना लगा था। क्योंकि यहां पर कांग्रेस से सीट छीनकर बसपा के धर्मपाल सिंह ने जीत हासिल की थी। जिसके बाद पालिका पर भी बसपा ही जीती थी। क्योंकि 2007 और 2012 में बसपा जीती थी जबकि उससे पहले 2002 में भाजपा के विधायक थे। परंतु 2012 फिर से बसपा...