हापुड़, अक्टूबर 11 -- Hapur News: दूध की बिक्री से होनेवाली कमाई अब पशुओं के चारे में ही खर्च हो रही है। पिछले एक साल में भूसा-कुट्टी समेत पशु आहार की कीमतों में लगातार वृद्धि से छोटे और सीमांत पशुपालकों की परेशानी बढ़ गयी है। चारा महंगा होने से पशुपालन का पूरा गणित बिगड़ गया है। पशुपालकों का कहना है कि एक ओर चारा खरीदने का खर्च बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर दूध बेचने के बाद बचने वाली आमदनी लगातार घट रही है। व्यापारी योगेश गर्ग ने बताया कि 50 किलो चोकर की कीमत करीब एक माह पहले 1200 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1350 रुपये हो गयी है। सरसों की खल एक माह पूर्व 3400 रुपये कुंतल थी जो अब बढ़ कर 3800 रुपये पहुंच गई है। सर्वाधिक चने के दाम में बढ़ोतरी हुई है। क्योंकि एक माह पूर्व चना 73 रुपये किलो था, लेकिन अब 83 रुपये प्रति किलो हो गया है। पशुपालक अनिल कुम...