नई दिल्ली, जनवरी 13 -- हनुमान जी को संकटमोचन, बल और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन की हर बाधा दूर होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता के द्वार खुलते हैं। लेकिन ज्योतिष और शास्त्रों के अनुसार, चालीसा का पाठ कुछ विशेष मुहूर्त में करने से इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। ब्रह्म मुहूर्त, शनिवार की रात और रविवार सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद ये तीन मुहूर्त हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे शक्तिशाली माने जाते हैं। इन मुहूर्त में पाठ करने से मन शांत रहता है, शनि-राहु के दोष कम होते हैं और हर कार्य में विजय मिलती है। आइए विस्तार से जानते हैं इन मुहूर्त का महत्व और पाठ की विधि।ब्रह्म मुहूर्त में हनुमान चालीसा ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4 से 6 बजे के बीच) वह समय है, जब मन और आत्मा सबसे अधिक ग्रहणशील होते हैं। इस समय प...
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