नई दिल्ली, मार्च 30 -- हनुमान जयंती का पर्व चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हालांकि, चैत्र माह में पड़ने वाली हनुमान जयंती का विशेष रूप से दक्षिण भारत में अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि इसी दिन अंजनी पुत्र हनुमान जी का जन्म हुआ था। हनुमान जी को भगवान शिव का अंश और उनके रुद्र अवतारों में से एक माना जाता है। उन्हें संकटों को दूर करने वाला देवता भी कहा जाता है। जो भक्त सच्ची श्रद्धा से उनकी और भगवान शिव की पूजा करता है, उसके जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं। बजरंगबली की पूजा के दौरान लोग तिलक जरूर लगाते हैं। मान्यता है कि हनुमान जी का तिलक लगाने से बल बढ़ता है। आमतौपर पर पुरुष हनुमान जी का तिलक माथे पर लगाते हैं, लेकिन महिलाएं कभी भी उनके चरण से लेकर अपने शरीर के किसी भी हिस्से पर तिलक नहीं लगाती है। ऐसा इसलिए क्यों...
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