हमीरपुर, जुलाई 6 -- Hamirpur News: हमीरपुर, संवाददाता। कुरारा ब्लाक के मिश्रीपुर गांव में तैनात आंगनबाड़ी सहायिका तीन माह से मानदेय को भटक रही है। पति के बरसों पूर्व छोड़ने और कोई औलाद न होने की वजह से महज 1500 रुपए मानदेय के सहारे सहायिका अपना खुद का जीविकोपार्जन कर रही है। समय से मानदेय न मिलने की वजह से घर में खाने-पीने तक के लाले हैं। आज शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची सहायिका अपनी हालत बयां करते-करते रो पड़ी। उधर, विभाग का कहना है कि सहायिका अप्रैल माह में सेवानिवृत्त हो चुकी है, इसलिए उसका मानदेय रुका हुआ है। मिश्रीपुर गांव में बतौर आंगनबाड़ी सहायिका काम करने वाली उषा सिंह ने बताया कि उसके पति ने उसे बरसों पूर्व छोड़ दिया था। कोई औलाद भी नहीं है। अब जैसे-तैसे इसी काम से मिलने वाले मानदेय से अपना भरण-पोषण कर रही है। तीन माह से मानदेय नहीं म...