हमीरपुर, सितम्बर 27 -- Hamirpur News: हमीरपुर, संवाददाता। शहर से लेकर कस्बा और गांवों में आवारा कुत्तों के साथ-साथ कटखने बंदरों के हमलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 कुत्ता-बंदर के हमले में घायल होने वाले पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ लोग इन जानवरों के हमले के बाद पुराने टोटके आजमाने से भी नहीं चूकते हैं, जो कई बार मरीज की जान पर भारी साबित होते हैं। आज भी गांवों में कुत्ता काटने के बाद लोग जख्म पर मिर्ची भर देते हैं या फिर झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं, जो खतरनाक साबित होता है। यह भी पढ़ें- हल्दी-तेल का छोड़ो भ्रम, रेबीज पर टीका ही है बेजोड़ कदमकुत्ते के काटने के बाद ग्रामीण परंपरा कुत्ते के काटने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में दवा खिलाने की परपंरा आज भी है। इससे फायदा कम और नुकसान की संभावना अधिक रहती है।...