हमीरपुर, सितम्बर 7 -- Hamirpur News: हमीरपुर, संवाददाता। शहर से लेकर कस्बा और गांवों में आवारा कुत्तों के साथ-साथ कटखने बंदरों के हमलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 कुत्ता-बंदर के हमले में घायल होने वाले पहुंच रहे हैं। शहर में आतंक का पर्याय बना आवारा कुत्ता भी अभी तक पकड़ में नहीं आया है। हालांकि जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी स्तर पर पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज वेनम मौजूद हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पूरे जनपद में अभी तक आवारा कुत्तों की नस्ल को रोकने के लिए कोई भी डॉग शेल्टर अस्तित्व में नहीं आया है। नगर पालिका और पंचायतों के पास कुत्ता और बंदरों को पकड़ने के लिए न तो कोई एक्सर्ट टीम है और न ही किसी किस्म के कोई उपकरण है। जब किसी इलाके में इन हमले ज्यादा बढ़ जाते हैं तो वन विभाग के साथ मिल...