हल्द्वानी, अक्टूबर 9 -- Haldwani News: भावना कोहली हल्द्वानी । कभी डाकिए की साइकिल की घंटी सुनते ही घर की चौखट पर निगाहें टिक जाती थीं। हाथ में आई चिट्ठी अपनों की खबर ही नहीं, भावनाओं का पूरा संसार लेकर आती थी। सौ साल से ज्यादा , अंग्रेजों के दौर की मुहर से लेकर पुरानी डाक पेटी और ब्रिटिशकालीन भवन तक, ये चीजें डाक व्यवस्था के उस सफर की गवाह हैं, जो चिट्ठियों से शुरू होकर स्पीड पोस्ट और अब डिजिटल सेवाओं तक पहुंच चुका है। अंग्रेजों के जमाने की डाक मुहर आज भी इस्तेमाल हो रही है और इसी से आज भी डाकघरों मे मुहर लगाई जाती है। डाकघर में अलग-अलग काम के लिए अलग तरह की मुहरें इस्तेमाल होती हैं। इनमें गोल, अंडाकार, चौकोर, आयताकार और अर्धगोल मुहरें शामिल हैं। सामान्य डाक पर तारीख और डाकघर की पहचान के लिए गोल मुहर लगाई जाती है। कुछ मुहरें खास काम और व...