हल्द्वानी, अगस्त 7 -- Haldwani News: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: भावना कोहली हल्द्वानी। बदलते फैशन और मशीनों युग की तेज दौड़ के बावजूद हथकरघा की खनक फीकी नहीं पड़ी है। हाथों से बुने खादी के कुर्ते, कुमाऊनी शॉल, पंखी, ट्वीड और गमछे आज भी अपनी गुणवत्ता और मौलिकता के बल पर लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। पारंपरिक शिल्प के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले ये हैंडलूम उत्पाद अब युवाओं को भी खासे आकर्षित कर रहे हैं।

हैंडलूम उत्पादों की बिक्री शहर के गांधी आश्रम समेत स्थानीय हैंडलूम स्टोरों में हाथ से बने रुमाल, खादी के कुर्ते, गमछे, दुपट्टे और अन्य उत्पादों की बिक्री पहले की तुलना में बढ़ी है। सदर बाजार स्थित गांधी आश्रम के मैनेजर प्रमोद कुमार भट्ट ने बताया की खादी का कारोबार पिछले दो वर्षो से बेहतर हुआ है। गांधी आश्रम में उपलब्ध खादी और ...