Haldwani News: रामलीला के मंच पर मजहब से परे कलाकारों की साझा पहचान
हल्द्वानी, अक्टूबर 9 -- Haldwani News: अक्षिका छिम्वाल हल्द्वानी। रामलीला के मंच पर किरदार भले ही अलग-अलग हों, लेकिन मंच के पीछे कलाकारों की जुड़ती कहानियां शहर की साझा संस्कृति की तस्वीर पेश करती हैं। कोई मुस्लिम समुदाय से है तो कोई पंजाबी परिवार से, मगर रामकथा के मंच पर धर्म और समुदाय की पहचान पीछे छूट जाती है और कलाकार की पहचान उसके अभिनय से होती है। हल्द्वानी की रामलीलाओं में मोहम्मद कतील और चड्ढा परिवार के दो बेटों की भागीदारी इसी भाईचारे और सांस्कृतिक का उदाहरण है। यह भी पढ़ें- Kausambi News: हर्बल रंगों से होता है दारानगर रामलीला के पात्रों का श्रृंगाररामलीला में साझा संस्कृति की मिसाल 61 वर्षीय मोहम्मद कतील पिछले करीब 25 वर्षों से काठगोदाम रामलीला में अभिनय कर रहे हैं। शुरुआत में वह वणासुर का किरदार निभाते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्ष...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.