हल्द्वानी, अगस्त 28 -- Haldwani News: हल्द्वानी। रक्षाबंधन पर शहर का आसमान इस बार भी पहले जैसी रंग-बिरंगी पतंगों से नहीं भर सका। कभी रक्षाबंधन और मकर संक्रांति पर शहर की हर छत से वो काटा... की गूंज सुनाई देती थी। मगर अब मोबाइल फोन, ऑनलाइन गेमिंग और इंटरनेट की बढ़ती दुनिया ने इस पारंपरिक शौक की चमक फीकी कर दी है। जिस पतंगबाजी ने कभी मोहल्लों में मेल-मिलाप और प्रतिस्पर्धा का अनोखा माहौल बनाया था, वह अब यादों तक सिमटती नजर आ रही है। मंगलपड़ाव स्थित यूसुफ काइट सेंटर पर 5 रुपये से लेकर 90 रुपये तक की लग्गू, तिरंगा, कनकव्वा, चप और रुमाला जैसी आकर्षक पतंगें उपलब्ध हैं। रंग-बिरंगे डिजाइन और नई किस्में होने के बावजूद दुकानों पर पहले जैसी भीड़ नहीं है। पुराने विक्रेता असफाक अहमद बताते हैं कि कभी रक्षाबंधन और मकर संक्रांति के दौरान उनकी दुकान पर मेले ज...