Hal Shashthi vrat Katha: हरछठ पर पढ़ें दूध बेचने वाली ग्वालिन से जुड़ी हरछठ व्रत की कथा
नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- हरछठ (हलषष्ठी) व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन होता है। इस दिन भगवान कृष्ण के बड़े भाई श्री बलराम के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन किसान हल की पूजा करते हैं। इसे ललही छठ भी कहा जाता है। माताएं इस दिन संतान ती लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन कोई ऐसी चीज नहीं खाई जाती है जो हल से जुती हुई हो। इसलिए इस दिन व्रत में अनाज और सब्जियां नहीं खाते हैं, इस दिन षष्ठी माता की पूजा की जाती है और उन्हें सभी अनाज का भोग लगाया जाता है। फिर व्रत की कथा सुनी जाती है। आप इस इस साल षष्ठी तिथि 2 सितंबर को लग रही है, इसलिए इस दिन ही व्रत किया जाएगा। छठ तिथि दो सितंबर की सुबह 06:12 बजे से लेकर तीन सितंबर की सुबह 04:25 बजे तक रहेगी, हालांकि इसमें उदयातिथि का मान नहीं है, पूरे दिन तिथि 2 सितंबर को मिल ...
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