हाजीपुर, सितम्बर 2 -- Hajipur News: देवकीनंदन नंद और जसोदा के लाल भगवान श्री कृष्ण मक्खन के भूखे नहीं बल्कि उसके बहुत बड़े सम्मानकर्ता थे। वह अपने दोस्तों के साथ घर में रखे मक्खन को चट कर जाया करते थे। यशोदा मैया जब उन्हें चोरी से मक्खन खाते देखती तो कान पड़कर सजा भी देती थी। मक्खन दूध और दही गायों से मिलती है। इस कारण उन्होंने गायों को स्वयं ले जाकर चराया करते थे। यह भी पढ़ें- Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर गाएं श्री कृष्ण के ये 5 भजन, भक्तिमय माहौल के लिए नोट करें बोलजन्माष्टमी महोत्सव यह बातें बुधवार को यहां कन्हौली धनराज पंचायत के महुआ हाजीपुर मार्ग अवस्थित पानापुर में श्री राधे गजेंद्र बिहारी मंदिर पर चल रहे जन्माष्टमी महोत्सव पर चौथे दिन बुधवार को श्रीमद् भागवत श्रवण उत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए वृंदावन से आए ध्रुव नार...