हाजीपुर, अक्टूबर 27 -- Hajipur News: हिन्दी साहित्य जगत के लिए दुखद खबर है। शकुंतला महाकाव्य,खिड़की पर चांद, हुंकार, आलोचना के नए संदर्भ सहित दो दर्जन से अधिक पुस्तकों के रचयिता महाकवि शालिग्राम सिंह अशान्त का मंगलवार प्रातः निधन हो गया। उन्होंने हाजीपुर, एसडीओ रोड स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से वैशाली सहित पूरे हिन्दी जगत में शोक की लहर है। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह किरण मंडल (पुराना) के महासचिव डॉ. महेन्द्र प्रियदर्शी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अशान्त हिन्दी-अंग्रेजी के उद्भट विद्वान, आदर्श शिक्षक-प्राचार्य, ओजस्वी वक्ता और कलम के जादूगर थे। उन्होंने अपनी दो दर्जन से अधिक कृतियों से हिन्दी साहित्य को समृद्ध किया। उनका जाना वैशाली साहित्य समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। वे अपने पीछे पुत्र अ...