Guru Pradosh Vrat 2026: 14 मई को है गुरु प्रदोष व्रत, इस समय करें पूजा, सारे दोष होंगे खत्म
नई दिल्ली, मई 13 -- हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व होता है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस व्रत पर भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रुप की पूजा की जाती है। जिससे पाप खत्म होते हैं। प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा में कुछ खास तरह की चीजें शामिल की जाती हैं, जिससे व्रत का पूरा फल मिल सके।हीं व्रत के दौरान पूरे दिन क्या खाएं और क्या नहीं इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मई महीने का पहला प्रदोष व्रत ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा। यह तिथि 14 मई को पड़ रही है। चलिए जानते हैं कि प्रदोष व्रत की पूजा का सही समय क्या है और किस प्रकार पूजा की जाती है। यह भी पढ़ें- खाटू श्याम को तीन बाण धारी क्यों कहते हैं? जानिए भ...
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