गुड़गांव, अक्टूबर 10 -- Gurgaon News: गुरुग्राम, अमर मौर्य। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) की ओर से किसान भवन में गुरुवार को जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इसमें किसानों को पराली जलाने और खुले में कचरा जलाने पर होने वाले नुकसान बताए। हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि धान और गेहूं की पराली जलाना प्रतिबंधित है। इसका उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को प्रभावित करता है, जिससे सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसका बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव पड़ता है। यह भी पढ़ें- Kushinagar News: अब खेतों में पराली जलाई तो देना होगा 15 हजार तक जुर्माना इसके अलावा आग लगाने से म...