गिरडीह, सितम्बर 3 -- Gridih News: बगोदर। कहते हैं गुरु का सपना कभी मरता नहीं, वह पीढ़ियों में आगे बढ़ता है। ऐसी ही मिसाल पेश की है ग्राम खेतको के 90 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक तुलसी राम ने। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी आंखों में शिक्षा की वही चमक है, जो दशकों पहले ब्लैकबोर्ड के सामने होती थी।

तुलसी राम का सपना उनका एक ही सपना था मेरे बच्चे डॉक्टर-इंजीनियर बनें। परिस्थितियों के कारण बच्चों के माध्यम से यह सपना अधूरा रह गया, लेकिन तुलसी राम ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी अगली पीढ़ी को अपना लक्ष्य बना लिया। सेवानिवृत्ति के बाद जब हाथ में सिर्फ पेंशन के सीमित पैसे थे, तब भी उन्होंने एक रुपए भी खुद पर खर्च नहीं किया। सारी पेंशन पोते-पोतियों की किताबों, फीस और कोचिंग में लगा दी। खुद सादगी में रहे, पर शिक्षा को हर सुख-सुविधा से ऊपर रखा

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