गिरडीह, नवम्बर 8 -- Gridih News: पीरटांड़। जैन परंपरा में दीपावली का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह पर्व भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण कल्याणक और उनके प्रधान शिष्य गौतम गणधर स्वामी के केवलज्ञान महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान महावीर को निर्वाण की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन गौतम गणधर स्वामी को केवलज्ञान प्राप्त हुआ था। यही घटना जैन समाज के लिए दीपावली का वास्तविक धार्मिक आधार है। गुणायतन में साधनारत राष्ट्रसंत मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने लोक परंपरा और जैन परंपरा के अनुसार दीपावली मनाने की तिथि स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि 8 नवंबर को लोक परंपरा के अनुसार दीपावली मनाई जाएगी, जबकि 9 नवंबर को जैन परंपरा के अनुसार भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण महोत्सव मनाया जाएगा। यह भी पढ़ें- Simdega News: आत्मशुद्धि औ...