गिरडीह, अक्टूबर 8 -- Gridih News: बगोदर। बगोदर प्रखंड और आसपास के बाजारों से एक और दो रुपए के सिक्के सालों से गायब हो गए हैं। सरकार ने भले ही इनका प्रचलन बंद न किया हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पिछले कई सालों से न दुकानदार इसे ले रहे हैं और न ग्राहक। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। छोटे दुकानदारों के गल्ले और घरों के डिब्बों में सैकड़ों सिक्के बेकार पड़े हैं। बाजार में आज भी कई वस्तुएं ऐसी हैं जिनकी कीमत 50 पैसे, एक या दो रुपए है। माचिस, टॉफी, पेन की स्याही, सुई, शैंपू के पाउच जैसी चीजें आज भी इसी कीमत पर बिकती हैं, लेकिन सिक्के बंद होने से इनकी खरीद महंगी हो गई है। ग्राहक बताते हैं कि यदि वे 4 रुपए का सामान लेते हैं और 5 रुपए का नोट देते हैं तो दुकानदार एक रुपया लौटाने की बजाय एक टॉफी पकड़ा देता है। मजबूरी में ग्राहक को वह...