गिरडीह, जुलाई 15 -- Gridih News: बगोदर, प्रतिनिधि। बगोदर प्रखंड मुख्यालय की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुनिया नदी का अस्तित्व खतरे में है। नहाने, कपड़ा धोने और पीने के पानी के लिए मुख्यालय के हजारों लोग इसी नदी पर निर्भर हैं, लेकिन बालू उठाव, अतिक्रमण और गंदगी के कारण इस नदी का अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म होते जा रहा है। एक दशक पहले नदी से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव हुआ था। इसके बाद नदी गहरी हो गई और उसकी चौड़ाई घटती चली गई। नदी में घर बनाने लायक बालू तक नहीं बचा। बालू उठाव के बाद नदी की जमीन पर भी लोगों ने अवैध कब्जा कर मकान बना लिए। इस कारण नदी का रास्ता और सिकुड़ गया। सबसे बड़ी समस्या अब नदी में छोड़े जा रहे गंदे पानी की है। मुख्यालय के कई घरों की नालियों को सीधे नदी से जोड़ दिया गया है। घरों का गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के नदी में गिर र...