गिरडीह, अक्टूबर 14 -- Gridih News: पीरटांड़, प्रतिनिधि। सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित करनेवाला जिले का ऐतिहासिक गांव पालगंज में राजतंत्र काल से दुर्गापूजा मनाई जाती है। यहां दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी राजकीय परंपरा, लोकआस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। मान्यता है कि पालगंज में लगभग आठ सौ वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन धार्मिक विधि-विधान के साथ होता है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 1208 ईस्वी में परगना खरगडीहा अंतर्गत गादी पालगंज के तत्कालीन राजा दीप नारायण सिंह ने राजकीय संरक्षण में दुर्गा पूजा की शुरुआत की थी। समय के साथ राजतंत्र समाप्त हो गया, लेकिन पूजा की परंपरा आज भी कायम है। वर्तमान में स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता से सार्वजनिक आदि दुर्गा मंडप ...