गिरडीह, अक्टूबर 19 -- Gridih News: पीरटांड़, प्रतिनिधि। मधुबन स्थित गुणायतन में साधनारत राष्ट्रसंत मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने कहा कि व्यक्ति देश में रहे या विदेश में, पर उसका मन भारत में रहना चाहिए। सांस्कृतिक जड़ों और धार्मिक संस्कारों को याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहकर भी जैन परिवार जिनालयों के निर्माण, धार्मिक आयोजनों और पंचकल्याणक प्रतिष्ठाओं के माध्यम से जैन संस्कृति के संरक्षण और प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उक्त बातें रविवार को मधुबन में मुनि श्री प्रमाण सागर ने प्रवचन सभा में कही। बताया गया कि मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज द्वारा दैनिक शंका समाधान कार्यक्रम में धर्म, अर्थार्जन, पारिवारिक जीवन, सामाजिक दायित्व और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। मुनिश्री ने क...