गिरडीह, अगस्त 2 -- Gridih News: झारखंडधाम, प्रतिनिधि। लोक आस्था का केंद्र प्रसिद्ध तीर्थस्थल झारखंडधाम का अतीत गौरवशाली रहा है। महाभारत और रामायण काल से जुड़ी अनेक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं इस पवित्र धाम की पहचान हैं। मान्यता है कि यहीं वेषधारी भगवान भोलेनाथ ने अर्जुन को पाशुपत अस्त्र प्रदान किया था। यह भी कहा जाता है कि लंकाधिपति रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए यहां तपस्या की थी। ऐसी अनगिनत लोककथाएं और धार्मिक मान्यताएं झारखंडधाम के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी हुई है। उत्तरवाहिनी ईरगा नदी के कलकल निनाद और हरी-भरी वादियों के बीच स्थित यह तीर्थस्थल जमुआ, धनवार और बिरनी प्रखंड की सीमारेखा के मध्य अवस्थित है। महाशिवरात्रि, अक्षय तृतीया और प्रत्येक पूर्णिमा के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर-दराज से आनेवाले श्रद्धा...