गिरडीह, अक्टूबर 26 -- Gridih News: विजय शर्मा, देवरी। चिलखारी नरसंहार की घटना को 19 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन उस काली रात की याद आज भी ग्रामीणों को सिहरा देती है। 26 अक्टूबर 2007 को हुई इस घटना में तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के पुत्र अनूप मरांडी समेत 20 लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद सरकार की ओर से गांव में स्टेडियम, उच्च शिक्षण संस्थान और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि मृतकों के आश्रितों को नौकरी और मुआवजे की राशि तो मिल गई, लेकिन कई महत्वपूर्ण घोषणाएं आज तक पूरी नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 26 अक्टूबर 2007 को दिनभर फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। इसके बाद रात में मैदान के समीप संथाली पार्टी कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान भाकपा माओवादी दस्ते ने अंधाधुंध गोली...