गिरडीह, अगस्त 11 -- Gridih News: गिरिडीह/गावां, लक्ष्मी/बसंत। झारखंड में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली किस तरह इंसानी जिंदगियों पर भारी पड़ती है, इसकी दो बानगी जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली और प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। एक तरफ तिसरी ब्लॉक का लक्ष्मीबथान गांव है, जहां प्रसूता की मौत के पांच साल बाद भी सड़क के लिए सिर्फ आश्वासन मिले हैं। वहीं दूसरी तरफ गिरिडीह विधायक सह मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के क्षेत्र में महज तीन महीने के भीतर ही वन विभाग की तमाम अड़चनों को पार कर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिल गई। ​तिसरी प्रखंड के लक्ष्मीबथान गांव में 26 फरवरी 2021 को एक बड़ा मानवीय त्रासदी घटी थी। सुरजी मरांडी नामक प्रसूता को जब अचानक प्रसव पीड़ा हुई, तो गांव तक सड़क न होने के कारण उसे 7 किलोमीटर तक खाट के सहारे उबड़-खाबड़ रास्तों स...