गिरडीह, अक्टूबर 9 -- Gridih News: गिरिडीह, प्रतिनिधि। आदिवासी बुजुर्गों की स्मृतियों में संचित सदियों पुराने पारंपरिक ज्ञान को डिजिटल माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल की गई है। पर्यावरणविद् राजीव सिंह की पहल पर शुक्रवार को उनके गिरिडीह स्थित आवासीय कार्यालय में होड़ोपैथी से जुड़ी तीन वेबसाइटों का लोकार्पण किया गया। अभियान का उद्देश्य आदिवासी समुदाय की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, औषधीय पौधों और जंगलों से जुड़े ज्ञान को संरक्षित करना है। राजीव सिंह ने कहा कि आदिवासी समुदायों के पास जंगलों, औषधीय पौधों और उनके पारंपरिक उपयोगों का समृद्ध ज्ञान है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक परंपरा से आगे बढ़ने वाला यह ज्ञान आधुनिक समय में धीरे-धीरे लुप्त होने के खतरे का सामना कर रहा है। ऐसे में इसका दस्तावेजीकरण जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे सुरक्ष...