गिरडीह, जुलाई 9 -- Gridih News: बेंगाबाद, प्रतिनिधि। अबुआ आवास की स्वीकृति मिले एक साल बीत गया, लेकिन गरीब के खाते में एक भी किश्त नहीं पहुंची। इस बीच बरसात से पहले ही उसका कच्चा खपरैल मकान ढ़ह गया। अब आधा दर्जन से ज्यादा सदस्य प्लास्टिक की छत वाले शेड में रहने को मजबूर हैं। फंड के इंतजार में अटकी सरकारी आवास योजना पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला बेंगाबाद प्रखंड के फुरसोडीह गांव से जुड़ा हुआ है। अबुआ आवास के इंतजार में एक परिवार का आशियाना ही बरसात से पहले धराशाई हो गया। जिससे सरकारी योजनाओं की हकीकत का सहजता से अनुमान लगाया जा सकता है। पीड़ित परिवार की बहू शाहिना बीबी के नाम पर लगभग एक साल पहले अबुआ आवास स्वीकृत हुआ था। लेकिन आज तक योजना की पहली किश्त भी नहीं मिली। कच्चा खपरैल मकान गिर जाने के बाद परिवार के 6 से अधिक सदस्य वर्षों पहले मिले ...