गोरखपुर, सितम्बर 22 -- Gorakhpur News: अभिमन्यु चौधरी गोरखपुर। सरकारी विभागों ने जिन काश्तकारों की जमीन की रजिस्ट्री कराकर सड़क या अन्य निर्माण कराया है, उनकी खतौनी में अब भी काश्तकारों के नाम हैं। बीते एक दशक में जिले में विभिन्न विभागों की योजनाओं में 25 हजार से अधिक रजिस्ट्री हो चुकी है, जिनमें दाखिल खारिज नहीं कराया है। अधिकारियों की यह लापरवाही फर्जीवाड़े की राह खोल रही है। जानकारों का कहना है कि, दाखिल खारिज न होने से जालसाज उन जमीनों को कई बार बेंच सकते हैं, वहीं भविष्य में एक ही जमीन का दोबारा मुआवजा दिए जाने की सूरत भी बन सकती है。

सरकारी रजिस्ट्री की समस्या सरकारी विभाग की ओर से जितनी रजिस्ट्री कराई जा रही है, उनमें दाखिल खारिज के लिए राजस्व विभाग में रजिस्ट्री की प्रति नहीं पहुंच रही है। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारी और राजस...