गोरखपुर, अक्टूबर 9 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शहर में दुर्गा पूजा का भव्य स्वरूप देखने को मिलता है। जिसका श्रेय बंगाली समिति को जाता है। 1897 में सिविल अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन डॉ. जोगेश्वर राय ने दुर्गा पूजा (श्रीश्री दुर्गा पूजा एवं शारदीय उत्सव) की शुरुआत की थी। आज कोतवाली थाना क्षेत्र के दुर्गाबाड़ी में 1953 से लगातार यह प्रतिमा रखी जाती है। यहां जो प्रतिमा बैठाई जाती है वह कोलकाता से आए कलाकार बनाते हैं। डॉ. जोगेश्वर राय द्वारा शुरू यह पूजा 1903 तक जारी रही। फिर प्लेग की महामारी के कारण तीन साल के लिए बंद कर दी गई और 1907 में श्री अघोर नाथ चट्टोपाध्याय द्वारा फिर से शुरू की गई। तब से अनवरत जारी है। जिला अस्पताल परिसार के बाद यह पूजा जुबली स्कूल के परिसर में भी कुछ वर्षों के लिए आयोजित ह...