गोरखपुर, अक्टूबर 4 -- Gorakhpur News: गोरखपुर। राजीव दत्त पाण्डेय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के तहत स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण अनिवार्य है, लेकिन इसकी अवहेलना कर नगर निगम ने 2018 से 2026 के बीच फिनलैंड से आयातित 2.50 करोड़ रुयये के जिन 17 अर्धभूमिगत कचरा पात्रों को शहर में स्थापित कराया। इन बिन में गीला, सूखा, घरेलू हानिकारक कचरा और सैनिटरी/अन्य विशेष कचरा पृथक्करण की सुविधा ही नहीं थी। इन बिनों की स्थापना के साथ इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी का काम त्रिपाठी एक्सिम प्राइवेट लिमिटेड अजमेर ही कर रही थी। बदले में निगम हर माह करीब 6.39 लाख रुपये फर्म को दे रहा।

संचालन और रखरखाव का खर्च अब अचानक यही संचालन एवं रखरखाव खर्च निगम को अधिक लगने लगा है। अप्रैल 2026 से फर्म का भुगतान रोकने के बाद एक अक्तूबर से बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और स...