गोरखपुर, अक्टूबर 28 -- Gorakhpur News: राजीव दत्त पाण्डेय, गोरखपुर। सुमेर सागर ताल की जमीन पर कूड़ा-मलबा डालने और उसे जलाने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ी तो नगर निगम ने आनन-फानन में आठ स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिए। 27 अक्तूबर मंगलवार रात लगाए गए बोर्ड पर स्पष्ट लिखा है कि सुमेर सागर जलीय भूमि है और यहां कूड़ा, कचरा व मलबा डालना दंडनीय अपराध है। शनिवार से चल रहे सफाई अभियान में अब तक 20 डंपर से अधिक मलबा, कचरा और मिट्टी हटाई जा चुकी है। सवाल यह है कि रामगढ़झील की तर्ज पर पर्यटन स्थल बनाने का सपना दिखाने वाले सुमेर सागर को आखिर कूड़ा डंपिंग स्थल बनने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी?

सुमेर सागर में सफाई अभियान और चेतावनी विजय चौक-धर्मशाला बाजार मार्ग के किनारे स्थित करीब 18.5 एकड़ में फैले इस ऐतिहासिक जलस्रोत की बदहाली पर नगर निगम और...