गोरखपुर, सितम्बर 21 -- Gorakhpur News: गोरखपुर। बिहार के प्रथम दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर सोमवार को बशारतपुर में आयोजित 'दुसाध चेतना एवं भोला पासवान शास्त्री' विचार गोष्ठी आयोजित की गई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के सलाहकार दयानन्द सिंह दुसाध ने कहा कि 'विदेह' उपाधि से अलंकृत शास्त्री बेदाग ईमानदारी, निष्काम सेवा और उच्च नैतिक मूल्यों के अनुपम प्रतीक थे। कहा कि तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहने के बावजूद वे ताउम्र फूस के मकान में ही रहे। वर्ष 1971 के रूपसपुर-चंदवा कांड में आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने बिना किसी दबाव के कठोर व निष्पक्ष कार्रवाई की। उन्होंने सभी स्वजातीय दुसाध संगठनों को एक मंच पर आने का आह्वान किया।

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