Gorakhpur News: सहजीविता और समन्वय भारतीय परंपरा की खासियत
गोरखपुर, अक्टूबर 23 -- Gorakhpur News: गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता दुनिया की कई परंपराएं अपने मूल स्थानों से समाप्त हो गईं, लेकिन भारत में आईं परंपराएं आज भी किसी न किसी रूप में जीवित हैं। जो भारत में दाखिल हुआ, वह खारिज नहीं हुआ। भारतीय परंपरा की खासियत दूसरे विचारों को नकारना नहीं, बल्कि उनके साथ सहजीविता और समन्वय स्थापित करना है। यह कहना है दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रो. बलराम शुक्ल का। वह शुक्रवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय(एमएमएमयूटी) में आयोजित विशेष व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता मौजूद रहे। मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकृति और संस्कृति के सामंजस्य पर आधारित है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गरिमा यादव ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मिलिंद र...
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