गोरखपुर, अक्टूबर 22 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। समय से पहले जन्मे बच्चों में हकलाने की समस्या अधिक देखी जा रही है। कम्पोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) में ऐसे बच्चों के लिए स्पीच थेरेपी की सुविधा उपलब्ध है। यहां हकलाहट की समस्या वाले करीब एक हजार बच्चे पंजीकृत हैं। रोजाना 8 से 10 बच्चे परिजनों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। यह भी पढ़ें- Bagpat News: अंतरराष्ट्रीय हकलाहट जागरूकता दिवस : बोलने में अटक रही जुबान, आत्मविश्वास पर पड़ रहा असरसीआरसी में बच्चों को स्पीच थेरेपी सीआरसी के निदेशक जितेंद्र यादव ने बताया कि आने वाले बच्चों का पहले स्पीच थेरेपिस्ट आकलन करते हैं। हर बच्चे के लिए अलग कार्ययोजना बनाकर नियमित थेरेपी दी जाती है। लगातार थेरेपी से बच्चों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। संस्थान विशेषज्ञों के साथ मिलकर निदान और इला...