गोरखपुर, जुलाई 20 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। सूबे के पहले एआई आधारित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) की प्रभावशीलता मानसून की पहली भारी बारिश में सवालों में घिर गई है। जलभराव से राहत दिलाने के लिए तकरीबन 56 करोड़ रुपये की इस परियोजना के एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, रियल टाइम सेंसर नेटवर्क, डिजिटल ड्रेनेज मैप और 24 घंटे 7 दिन सक्रिय कंट्रोल रूम जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस यह मॉडल परियोजना के बावजूद महानगर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित होने से इसकी जमीनी उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं। अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) की लगातार दो दिनों की रिपोर्ट में रविवार को स्थिति अधिक गंभीर बताई गई है। 18 जुलाई शनिवार के लिए 40 से 50 मिमी बारिश का अनुमान था, जबकि 19 जुलाई रविवार को बढ़ाकर 50-60 मिमी किया...