गोरखपुर, अक्टूबर 30 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। श्री विष्णु मंदिर असुरन में मानस उत्थान समिति की ओर से चल रहे धार्मिक अनुष्ठान के क्रम में शुक्रवार को कथा व्यास पं. हनुमतेश मिश्रा महाराज ने कहा कि भरत जी श्रीराम की चरण पादुकाएं अयोध्या लाकर राजसिंहासन पर विराजमान करते हैं और स्वयं नंदीग्राम में कुटिया बनाकर तपस्वी जीवन व्यतीत करते हैं। उनके त्याग, नियम और तपस्या को देखकर ऋषि-मुनि भी श्रद्धा से नतमस्तक हो जाते हैं। आचार्य ने कहा कि हमारी संस्कृति जीवन-मूल्यों, संतों, मंदिरों तथा पर्व-त्योहारों के साथ जीना सिखाती है। यहां मृत्यु को भी उत्सव के रूप में स्वीकार करने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि ब्रह्म परीक्षा का नहीं, जिज्ञासा का विषय है। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: अच्छा वक्ता बनने से पहले अच्छा श्रोता होना आवश्यक जिन्होंने ...