गोरखपुर, अगस्त 14 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। सुथनी में 40 एकड़ में निर्माणाधीन देश के पहले 'इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिटी एवं लर्निंग सेंटर' में चारकोल प्लांट का संचालन तीन साल बाद भी ट्रायल से आगे नहीं बढ़ सका है। महानगर से निकलने वाले 500 टन कचरे के वैज्ञानिक विधि से निस्तारण के लिए 15 अक्तूबर 2023 को नगर निगम और एनटीपीसी के बीच एमओयू हुआ, लेकिन अब तक 250 टन प्रतिदिन की क्षमता की सिर्फ एक रियेक्टर सेल लाइन बन सकी है। नगर आयुक्त अजय जैन के कड़े रुख के बाद 250-250 टन क्षमता की दो अन्य लाइनों के लिए उपकरण के टेंडर की प्रक्रिया शुरू की गई है। ऐसे में कचरे से हरित चारकोल जल्द बनने की संभावना नहीं दिख रही है। नगर निगम ने एनटीपीसी को 15 एकड़ जमीन 25 साल के लिए दी है। चारकोल प्लांट पर 225 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। एम...