गोरखपुर, नवम्बर 1 -- Gorakhpur News: राजीव दत्त पाण्डेय गोरखपुर। जन्म या मृत्यु की घटना के दो साल बाद पंजीकरण कराना है तो अब उसी क्षेत्र के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट से आदेश लेना होगा, जहां जन्म या मृत्यु हुई है। दूसरे क्षेत्र के मजिस्ट्रेट का आदेश मान्य नहीं होगा। मजिस्ट्रेट संबंधित घटना की वास्तविकता और अभिलेखों की सत्यता की जांच के बाद ही पंजीकरण की अनुमति देंगे। जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम में हुए इस संशोधन के अनुपालन के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों और संबंधित न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल गोरखपुर में बदली प्रक्रिया के कारण करीब पांच हजार जन्ममृत्यु के आवेदन जमा नहीं हो पा रहे हैं। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: जन्म-मृत्यु पंजीकरण की नई प्रक्रिया पर चार सवाल खोलेंगे पंजीकरण...