गोरखपुर, अक्टूबर 22 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, प्रमुख संवाददाता। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह से जुड़े बताए जा रहे अंतरराज्यीय असलहा तस्करी नेटवर्क के मामले में एक आरोपित को जमानत मिल गई है। वहीं, मुख्य आरोपित श्रेयांश यादव के भाई समेत 16 आरोपित अब भी फरार चल रहे हैं। फरार लोगों में एक दारोगा का बेटा और पीएसी का वह सिपाही भी शामिल है, जिस पर हत्या कराने के लिए डेढ़ लाख रुपये में चार पिस्टल खरीदने का आरोप है। पुलिस अब तक इन पिस्टलों को बरामद नहीं कर सकी है।

फरार आरोपितों की तलाश अब तक की जांच में सामने आया था कि पीएसी सिपाही ने हत्या कराने के लिए चार पिस्टल खरीदी थीं। उसकी लोकेशन नेपाल में मिलने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके बावजूद अब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस खरीदी गई पिस्टलों की बरामदगी के साथ ही यह पता लगाने मे...