Gopalganj News: आज भी जीवंत है पीढ़ियों पुरानी काली माई की पूजाई
गोपालगंज, अक्टूबर 15 -- नवमी पर काली माई की पूजाई की परंपरा Gopalganj News: गोपालगंज। आधुनिकता की दौड़ में गांवों का रहन-सहन भले बदल गया हो, लेकिन काली माई के प्रति आस्था की डोर आज भी अटूट है। नवरात्र की नवमी आते ही गांवों में सदियों पुरानी 'काली माई की पूजाई' की परंपरा जीवंत हो उठती है। घरों में शुद्धता से तैयार पूड़ी, सिरनी और फुलाया हुआ चना लेकर महिलाएं देवी स्थान पहुंचती हैं। देवी गीतों के बीच प्रसाद चढ़ाकर सिंदूर अर्पित करती हैं और परिवार सहित पूरे गांव की खुशहाली का आशीर्वाद मांगती हैं। पीतल की थाली में सजता है प्रसाद नवमी की सुबह घरों में पूजाई की तैयारी शुरू हो जाती है। प्रसाद को पीतल, फूलहा या तांबे की थाली में सजाकर रंगीन कपड़े से ढक दिया जाता है। महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हुई काली माई के स्थान पर पहुंचती हैं। वहां पिंडियों पर प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.