गोंडा, नवम्बर 1 -- Gonda News: नबाबगंज, संवाददाता। रामचरित मानस जैसी कथाओं में संस्कार और संस्कृति पूरी तरह समाहित है। रामकथा मानव जीवन के लिए आदर्श व्यवहार संयम एवं सत्य का मार्ग दिखाती है। दैहिक, दैविक, भौतिक तीनों तापों को नष्ट करती है श्रीराम कथा। यह उद्गार कटरा कुटी पर चल रही रामकथा में शनिवार की रात मिथिला शरण पांडे ने व्यक्त किया। हनुमान जयंती समारोह के तहत सात दिवसीय श्रीराम कथा की शुरूआत मंगलाचरण से हुई।  कथा व्यास ने कहा कि आज विषाक्त होती दुनिया में श्रीराम कथा अचूक औषधि की भांति है। बस हमें राम कथा को मनोरंजन ना मानकर उसे पूरी गहनता से ग्रहण करना है। रामकथा में अंतःकरण का रस - रसायन में बदलने की क्षमता है। संत गुरुदेव गुरु ब्राह्मण आदि की वंदना कथा व्यास ने की। कथा से पूर्व मुख्य यजमान भाग्यवती देवी ने व्यास पूजन किया। महंत  च...